कोचियों-बिचाैलियों के खिलाफ प्रशासन के कड़े तेवर से सोसायटियों में नहीं खपत हो पाया 400 करोड़ का अवैध धान

राजनांदगांव। पहली बार धान कोचियों और बिचाैलियों के खिलाफ जिला प्रशासन द्वारा अपनाए गए सख्त तेवर के चलते लगभग 400 करोड़ का अवैध धान सोसायटियों में नहीं बिक पाया है। जिसके कारण अवैध धान के धंधे में संलिप्त लोगों में हड़कंप मचा हुआ है। प्रशासन की सीमा पर नाकाबंदी से धान कोचियों के खिलाफ लगातार कड़ी कार्रवाई की जा रही है।

इस वर्ष राजनांदगांव जिले में धान खरीदी शुरू होने के पहले दिन से ही जिला प्रशासन के कड़े तेवर ने अवैध धान पर अंकुश लगा दिया था। पहले दिन से ही मध्यप्रदेश आैर महाराष्ट्र के सीमावर्ती क्षेत्रों के बैरियरों में जांच पड़ताल शुरू की गई थी। जिले के वरिष्ठ अफसरों ने किसानों को कोई परेशानी हो आैर कोचियों का अवैध धान की खपत को रोकने के लिए खुद सतत रूप से माॅनटरिंग कर रहे थे। इस साल एक आकड़े के मुताबिक जिला प्रशासन की कड़ाई से 400 करोड़ रूपए का अवैध धान को खपाने की कोशिश नाकाम कर दी गई है। जिसके कारण धान कोचियों में हड़कंप मचा हुआ है। इसके बाद भी पिछले साल से ज्यादा किसानों ने धान की बिक्री किया है। खास बात यह है कि सोसायटियों में धान बेचने के लिए कटाए गए तकरीबन 700 टोकन का जब भाैतिक सत्यापन किया गया तब यह खुलासा हुआ कि 14 हजार क्विंटल धान है ही नहीं और टोकन कटवा लिया गया है। इसके अलावा राजनांदगांव जिले में 60167 किसानों ने रकबा समर्पण किया है। जो कि प्रदेश में सर्वाधिक है। जिला प्रशासन के अभियान का असर यह हुआ है कि 16206 हेक्टेयर का रकबा समर्पण किया गया है।

50 वाहन और 14 करोड़ की अवैध धान जब्त

जिला प्रशासन द्वारा धान खरीदी के शुरू दिन से ही कोचियों आैर बिचाैलियों के खिलाफ चलाये गये अभियान का यह असर हुआ है कि राजनांदगांव से लेकर डोंगरगढ़ आैर डोंगरगांव अनुविभाग में लगभग 14 करोड़ रूपए की अवैध धान के साथ 50 वाहन जब्त किये गये हैं। अवैध धान तकरीबन 43912 क्विंटल जब्त की गई है।

1,14508 किसानों ने बेचा धान

राजनांदगांव जिले में गत वर्ष की तुलना में ज्यादा किसानों ने धान बेचा है। एक आकड़े के मुताबिक 114508 किसानों ने अब तक धान की बिक्री है। आगामी बचे दिनों के लिए जो टोकन जारी किये गये हैं उसकी संख्या 12949 है। इस तरह से दो हजार किसान गत वर्ष की तुलना ज्यादा धान बेचेंगे। इस बीच यह भी ध्यान रखा गया है कि राजनांदगांव जिले के किसानों को सोसायटियों में किसी भी प्रकार की धान बेचने में परेशानी न हो। यही वजह है कि किसानों ने पूरा उत्साहपूर्वक धान बेचा है।

 

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